क्रिप्टोक्यूरेंसी का परिचय

खुलने का समय

खुलने का समय
वैसे तो प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन लगा रहता है लेकिन हिंदू त्योहारों के समय जैसे दिवाली, दशहरा ,जन्माष्टमी, राधा अष्टमी, होली, मकर संक्रांति इत्यादि के पावन शुभ अवसर पर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।

कालकाजी मंदिर दिल्ली का इतिहास तथा कालकाजी मंदिर खुलने का समय

कालकाजी मंदिर दिल्ली के सबसे व्यस्त हिंदू मंदिरों में से एक है, श्री कालकाजी मंदिर देवी काली को समर्पित है, जो माँ आदि शक्ति का दूसरा रूप है। इस मंदिर को जयंती पीठ या मनोकामना सिद्ध पीठ के रूप में भी जाना जाता है। मनोकामना शब्द का अर्थ है इच्छा, सिद्ध का अर्थ है सिद्धि और पीठ का अर्थ तीर्थ है। इसलिए, ऐसा कहा जाता है कि देवी काली शुद्ध हृदय और सच्ची आत्मा के साथ यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इतना ही नहीं, कालकाजी मंदिर का इतिहास देखने से पता चलता है कि मंदिर की प्राचीनता सत्य युग तक है और माना जाता है कि यह भारत के सबसे पुराने मां काली के मंदिरों में से एक है। यह तथ्य इसे दिल्ली के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक बनाता है। साल भर में, आप यहां भक्तों और पर्यटकों की एक बड़ी भीड़ देख सकते हैं, खासकर शनिवार को। नवरात्रि का त्योहार भी दूर-दूर से तीर्थयात्रा करने के लिए यहां आते है। तथा आने वाले भक्तों में यहां की मान्यता महत्वपूर्ण है।

इस दौरान मंदिर में एक बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है जिसमें भक्तों काफी की भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा, मंदिर के रास्ते में, आप प्रसाद (पवित्र प्रसाद), धार्मिक वस्तुओं और यहां तक ​​कि मिठाई बेचने वाली अनेक दुकाने बाजार के रूप में देख सकते हैं। मंदिर के बाहर का हलचल भरा दृश्य इतना वास्तविक है कि यह आपको मंदिर की गली से ही आध्यात्मिकता की अनुभूति देगा। एक अन्य मान्यता में कहा गया है कि कालकाजी मंदिर में देवी काली की छवि स्वयं प्रकट है, और इस प्रकार, मंदिर को दिल्ली में अत्यधिक पूजनीय मंदिरों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, मंदिर में विवाह और मुंडन जैसी विभिन्न धार्मिक गतिविधियाँ की जाती हैं।

कालकाजी मंदिर दिल्ली

कालकाजी मंदिर दिल्ली

कालकाजी मंदिर दिल्ली की विशाल संरचना

लोककथाओं के अनुसार, मंदिर सतयुग के समय का है। 19वीं शताब्दी में, राजा केदारनाथ द्वारा मंदिर के निर्माण में परिवर्तन किए गए थे। हालांकि, 20वीं शताब्दी में, श्री कालकाजी मंदिर की वर्तमान संरचना भक्तों के योगदान से बनाई गई थी। आधुनिक मंदिर एक 12-तरफा निर्माण है जिसमें काले झांवा और संगमरमर से उकेरी गई एक साधारण डिजाइन है। इसके अलावा, मंदिर के निर्माण के आसपास कई धर्मशालाएं भी हैं। ईंट और प्लास्टर की चिनाई के साथ, मंदिर एक पिरामिडनुमा मीनार से घिरा हुआ है। 12-पक्षीय केंद्रीय कक्ष संगमरमर से तराशा गया है और इसके प्रत्येक कक्ष में एक द्वार है। इसके अलावा, यह बरामदे से भी घिरा हुआ है जो सभी तरफ से कक्ष को घेरता है।

प्रचलित किवंदतियां

किंवदंती और इतिहास मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर 3000 साल से भी ज्यादा पुराना है। यह भी कहा जाता है कि इसी स्थान पर जहां वर्तमान में मंदिर स्थित है, पांडव और कौरव सर्वशक्तिमान से प्रार्थना करने आए थे। आपको बता दें कि इस मंदिर का सबसे पहला निर्माण 1734 में हुआ था। समय के साथ इस मंदिर की संरचना में संशोधन होते गए। किंवदंती यह है कि दो राक्षस थे जिन्होंने वर्तमान मंदिर के पड़ोस में रहने वाले देवताओं को परेशान किया था। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने मदद के लिए भगवान ब्रह्मा से संपर्क किया लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और देवी पार्वती से मिलने के लिए कहा। देवी पार्वती के मुख से कौशिकी देवी निकली जिन्होंने दोनों राक्षसों पर विजय प्राप्त की। लेकिन उनसे लड़ते हुए राक्षसों का खून सूखी भूमि पर गिर गया और इसके परिणामस्वरूप हजारों और राक्षस जीवन में आ गए। दूसरी ओर कौशिकी देवी ने सभी राक्षसों से युद्ध किया। यह सब देखकर, देवी पार्वती को अपनी संतान की चिंता हुई और कौशिकी देवी के भौहों से देवी काली आई। उसने दुष्टात्माओं का वध किया, और उनके घावों से बहते हुए लहू को पी लिया। अंत में, देवी ने राक्षसों पर विजय प्राप्त की। यह भी कहा जाता है कि माँ काली ने स्वयं को प्रकट किया और उन्हें इस स्थान की प्रमुख देवत्व के रूप में माना गया।

खुलने/बंद होने का समय

श्री कालकाजी मंदिर पूरे दिन सुबह 4:00 बजे से रात 11:30 बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा, अलग-अलग समय पर मंदिर में कई आरती और गतिविधियाँ भी की जाती हैं।

आरती का विस्तृत समय इस प्रकार है:—

सुबह गणेश वंदना: सुबह 5:00 बजे देवता का पवित्र स्नान: सुबह 5’30 से 6:30 बजे तक (इस दौरान मंदिर बंद रहता है) सुबह की आरती: सुबह 6:30 से सुबह 7:00 बजे तक शाम गणेश वंदना: शाम 7:00 बजे, देवता का पवित्र स्नान शाम 7:30 बजे से रात 8:30 बजे तक, शाम की आरती: रात 8:30 बजे से रात 9:00 बजे तक

मंदिर का पता

मां आनंदमयी मार्ग, एनएसआईसी एस्टेट, ब्लॉक 9, कालकाजी, नई दिल्ली – 110019

यात्रा करने का सबसे अच्छा समय

मंदिर में साल में कभी भी जाया जा सकता है। हालाँकि, नवरात्रों के त्यौहारों के मौसम को श्री कालकाजी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है क्योंकि इस दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और मेले का आयोजन किया जाता है। इसी तरह, हर शनिवार को, मंदिर में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ होती है।

पहुँचने के लिए कैसे करें?

श्री कालकाजी मंदिर नेहरू प्लेस के पास स्थित है, इसलिए यहां पहुंचना कोई मुश्किल काम नहीं है। मंदिर का एक मेट्रो स्टेशन है जिसका अपना नाम कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन है जो इसके निकटतम स्टेशन की भी सेवा करता है। स्टेशन से, यह मंदिर से सिर्फ 180 मीटर की पैदल दूरी पर है। कालकाजी मंदिर स्टेशन वायलेट लाइन और मैजेंटा लाइन मेट्रो दोनों पर स्थित है।

आसपास के पर्यटक आकर्षण

श्री कालकाजी मंदिर नेहरू प्लेस के पास स्थित है और इसके निकट कई पर्यटक आकर्षण हैं जहां आप मंदिर में तीर्थयात्रा करने के बाद जाते हैं। ये आकर्षण हैं: कमल मंदिर, इस्कॉन मंदिर, नेहरू प्लेस मार्केट, जाकिर हुसैन संग्रहालय, प्राचीन भैरों मंदिर, कालकाजी जिला पार्क।

भक्ति धाम | मनगढ़ मंदिर कुंडा प्रतापगढ़ पूरी जानकारी

श्री कृष्ण और राधा के प्रेम को समर्पित मनगढ़ मंदिर कुंडा प्रतापगढ़ में उनके जीवन के गतिविधियों को बड़े ही सुंदर झांकियों के द्वारा दर्शाया गया है ठीक उसी तरह जिस प्रकार खुलने का समय से वृंदावन के प्रेम मंदिर और बरसाना के कीर्ति मंदिर में प्रस्तुत किया गया है।

इस मंदिर की नींव 1996 में जगद्गुरु कृपालु जी महाराज के द्वारा रखी गई थी और यह 2005 में भक्तों के लिए बनकर पूरी तरह से चालू हुआ ।

भक्ति धाम दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जो लोहे के पिलर पर नहीं बल्कि ग्रेनाइट के पत्थरों पर खड़ा है।

प्रतापगढ़ के मनगढ़ जैसे छोटे से गांव में भक्ति धाम मनगढ़ जैसा भव्य मंदिर बनाने का मुख्य उद्देश था कि यह स्थान कृपालु महाराज की जन्मभूमि है यहीं पर उनका जन्म साल 1922 में शरद पूर्णिमा के दिन मध्यरात्रि को हुआ था।

चांदनी रात में लाइट का रिफ्लेक्शन जब झांकियों का पड़ता है तो ऐसा प्रतीत होता है मानो कुदरत की कायनात बस यही समाई है इसे देखने के लिए दूर-दूर से आए हुए पर्यटक संध्या होने का इंतजार करते हैं।

मन मोह लेती है मंदिर की झांकियां

  • जमीन से 108 फीट ऊंचे शिखर वाले इस मंदिर के निचले तल पर श्री कृष्ण और राधा रानी संग उनके अष्ट सखियों के जीवन का झांकियों के माध्यम से बड़े ही सुंदरता के साथ चित्रित किया गया है।
  • वही पहले मंजिल को दो चरणों में बांटा गया है जिसमें से पहले चरण में त्रेता अवतार राम सीता और श्री कृष्ण राधा के साथ बलराम के जीवन प्रसंगों को चित्रित किया गया है।
  • जबकि दूसरे भाग में महाराज कृपालु के जीवन से जुड़े अहम पहलुओं को प्रदर्शित किया गया है।

Table of Contents

भक्ति धाम मंदिर दर्शन का सबसे अच्छा समय

भक्ति धाम यात्रा का सबसे अच्छा समय श्री कृष्ण जन्माष्टमी और राधा अष्टमी का होता है क्योंकि उस समय यहां हर्षोल्लास के साथ जन्म उत्सव मनाया जाता है जिसमें संपूर्ण भारत के कोने-कोने से राधा कृष्णा के भक्ति में लीन भक्त मनवांछित इच्छा फल लेकर दर्शन के लिए आते हैं और यही समय यहां घूमने का बेस्ट टाइम माना जाता है।

उसी समय यहां पर राधा कृष्ण की झांकियों का भव्य समारोह आयोजन किया जाता है जिसमें लाखों करोड़ों श्रद्धालु भाग लेकर इसे सफल बनाते हैं।

वैसे तो प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन लगा रहता है लेकिन हिंदू त्योहारों के समय जैसे दिवाली, दशहरा ,जन्माष्टमी, राधा अष्टमी, होली, मकर संक्रांति इत्यादि के पावन शुभ अवसर पर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।

भक्ति धाम मंदिर खुलने का समय

यह मंदिर प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 11:00 बजे तक खुला रहता है और 2 घंटे के लिए बंद होता है उसके बाद 1:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक निरंतर खुला रहता है।

भक्ति धाम मनगढ़ कैसे पहुंचे ?

भक्ति धाम यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों के लिए रेल मार्ग वायु मार्ग और रोड मार्ग तीनों सुविधाएं उपलब्ध है आप अपनी सुविधा के अनुसार पहुंच सकते हैं

बया रेल मार्ग

यदि आप ट्रेन के माध्यम से भक्ति धाम मनगढ़ तक पहुंचने की सोच रहे हैं इसका निकटतम रेलवे स्टेशन प्रतापगढ़ तथा कुंडा है ।

लेकिन अगर आपके शहर से डायरेक्ट प्रतापगढ़ के लिए ट्रेन उपलब्ध नहीं है तो फिर लखनऊ या प्रयागराज रेलवे जंक्शन पहुंचकर प्रतापगढ़ के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं लखनऊ से इसकी दूरी 145 किलोमीटर और प्रयागराज से मात्र 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

वायु मार्ग

हवाई यात्रा करके भक्ति धाम पहुंचने वाले यात्रियों के लिए इसका नजदीकी एयरपोर्ट लखनऊ है जिसकी दूरी मात्र 145 किलोमीटर है ।

टुडे Bank of India खुलने का टाइम या बैंक ऑफ़ इंडिया Opening Time

bank of india khulne ka time

चलिए जानते है आज Bank Of India खुलने का टाइम इसके अलावा इस बैंक से जुड़ी अन्य जानकारी के बारे में भी जाननें की कोशिश करेंगे जैसे बैंक ऑफ़ इंडिया का लंच टाइम कब होता है और किस शनिवार को इस बैंक में अवकास रहता है.

आप से गुजारिस है की इसे दुसरे लोगों को भी शेयर ताकि बैंक से जुडी किसी भी जानकारी को कभी भी देखना हो तो हमारी इस साईट पर आकर देख सकते है.

Bank of India खुलने का टाइम

बैंक ऑफ़ इंडिया का खुलने का टाइम सुबह 10:00 है और यह शाम 5:00 बजे बंद होता है. इसके अलावा इस बैंक से जुड़ी अन्य जानकारी निचे देख सकते है जहाँ आपको बैंक लंच टाइमिंग और बैंक अवकास की डिटेल मिल जाएगी.

Bank Of India Working DayBank Of India Working Time
सोमवार से शुक्रवार 10:00 से 5:00
शनिवार ( 1st, 3rd और 5th )10:00 से 5:00
हर महीने के 2nd और 4th शनिवारHoliday ( अवकाश )
हर रविवार Closed

Bank Of India Lunch Time

बैंक का लंच टाइम दोपहर 2:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक होता है. इसकी पूरी डिटेल निचे बनी टेबल में देख सकते है.

Bank Of India Lunch Timingदोपहर 2:30 से दोपहर 3:00

Bank Of India Total Branches/ATM

बैंक ऑफ़ इंडिया की टोटल ब्रांच करीब 5100 है और इसके कुल ATM 5700 के आसपास है. जिसे निचे टेबल में दर्शाया गया है.

Bank Of India Total BranchesBank Of India Total ATM
ब्रांच – 5100 एटीएम – 5700

आशा करती हूँ की Bank Of India खुलने का टाइम पता चल गया होगा और इसके अलावा मैंने Bank of india Open today और लंच टाइम से जुड़ी अन्य जानकारी को भी साँझा किया है. इस बैंक के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमारी दूसरी पोस्ट को पढ़ सकते है जहाँ बैंक की स्थापना और इस बैंक के मालिक जैसी जानकारी दी गई है.

बदल गया बैंक खुलने का समय, 18 अप्रैल से इस नए समय में खुलेंगे बैंक

देशभर में बैंक उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। अब बैंक खुलने के समय में बदलाव हो गया है। पहले के अनुसार अब फिर से बैंक अपने पुराने समय से खुलेंगे यानी कि बैंक के खुलने का समय 10 नहीं बल्कि 9 बजे से ही होगी।

वहीं बैंक अपने पूर्व समय के अनुसार बंद होंगे। इसमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते अब दिन में ज्यादा समय तक लोग बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। बता दे कि यह नई सुविधा 18 अप्रैल 2022 से लागू होगी।

आरबीआई के अनुसार, कार्ड लैस एटीएम से ट्रांजेक्शन की सुविधा शीघ्र शुरू होने जा रही है। ग्राहकों को जल्द ही यूपीआई का इस्तेमाल कर बैंकों और उनके एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा देने जा रहा है। आरबीआई कार्डलेस यानी बिना कार्ड के इस्तेमाल वाले ट्रांजकैशन को बढ़ाने के लिए ऐसा करने जा रहा है। ऐसा करने के लिए यूपीआई के जरिए सभी बैंकों और उनके एटीएम से पैसे निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

आरबीआई का मानना है कि, इससे एटीएम से जुड़े फ्रॉड में कमी आएगी। रोक लगेगी। कार्डलेस ट्रांजैक्शन से लेनदेन में आसानी होगी और कार्डलेस ट्रांजैक्शन से कार्ड की क्लोनिंग, कार्ड की चोरी सहित दूसरे कई फ्रॉड रोकने में भी मदद मिलेगी।

कोरोना वायरस संक्रमण, दुकानों के खुलने का समय निर्धारित

रायपुर, 30 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन ने रात में दुकानों को खुलने का समय नहीं खोलने का आदेश जारी किया है जबकि कई अन्य जिलों में रात में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। रायपुर जिले के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कलेक्टर एस भारतीदासन ने कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों सहित नगर निगम रायपुर और बीरगांव के सीमा क्षेत्र के भीतर

रायपुर जिले के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कलेक्टर एस भारतीदासन ने कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों सहित नगर निगम रायपुर और बीरगांव के सीमा क्षेत्र के भीतर स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय में खुला रखने का आदेश जारी किया है।

आदेश के अनुसार सभी प्रकार की स्थायी और अस्थायी दुकानें सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक तथा इंडोर डायनिंग वाले रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा सुबह आठ बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित किए जा सकेंगे और वहीं टेक-अवे तथा होम डिलीवरी वाले रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा रात 11.30 तक डिलीवरी की सुविधाएं दे सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इस आदेश से पेट्रोल पंपों और दवा दुकानों को मुक्त रखा गया है ।

इसमें कहा गया है कि सभी व्यापारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा तथा सभी व्यवसायियों को अपने दुकान और संस्थान में विक्रय के लिए मास्क रखना अनिवार्य होगा। इसके अनुसार दुकान और संस्थान में सेनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों ने बताया कि आदेश में कहा गया है कि यदि किसी व्यवसायी के द्वारा शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तब उसकी दुकान या संस्थान को तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए सील कर दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के अन्य जिलों दुर्ग, गौरेला—पेंड्रा—मरवाही, सुकमा, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली और अन्य जिलों में भी आदेश जारी कर दुकानों के खुलने का समय निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसी तरह राज्य के राजनांदगांव, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर और बस्तर खुलने का समय जिले में जिला प्रशासन ने रात में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है।

अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिला प्रशासन ने आदेश में कहा है कि लोग जरूरी काम से ही बाहर निकलें, अनावश्यक रूप से बाहर घूमना प्रतिबंधित होगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि रात नौ बजे के बाद दुकान खुला पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में सोमवार तक कुल 3,41,516 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, वहीं 3,17,239 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हुए हैं। राज्य में 20,181 मरीज उपचाराधीन हैं तथा वायरस से संक्रमित 4096 लोगों की मौत हुई है।

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