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फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है?

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है?

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? कैसे शुरू करें।

फॉरेक्स ट्रेडिंग से भले ही आप परिचित हों या नहीं, लेकिन लाभ प्राप्त करने का यानिकी निवेश से कमाई करने का यह भी एक शानदार तरीका है। इसलिए इसे समझने से पहले हमें यह समझना होगा की प्रत्येक देश की अपनी अलग अलग मुद्रा होती है। और प्रत्येक राष्ट्र की मुद्रा एक दुसरे के मुकाबले मूल्य के आधार पर कमजोर एवं मजबूत होती है। कहने का अभिप्राय यह है की इस वैश्वीकरण के युग में पूरी दुनिया में कहीं भी बिजनेस किया जा सकता है और इन्टरनेट ने इसे और आसान बना दिया है।

आज व्यक्ति चाहे तो भारत में बैठे बैठे विदेशी मुद्रा जैसे डॉलर, यूरो, पौंड इत्यादि कमा सकता है यह सब इन्टरनेट के कारण मुमकिन हुआ है। खैर इस लेख में हम केवल फॉरेक्स ट्रेडिंग पर ही अपना ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करेंगे। वह इसलिए क्योंकि वर्तमान में फोरेक्स ट्रेडिंग भी कमाई करने का एक माध्यम बन सकता है। लेकिन यह कार्य व्यक्ति केवल किसी रजिस्टर्ड फ़ॉरेक्स ब्रोकर के माध्यम से ही कर सकता है। हालांकि विभिन्न देशों की मुद्राओं के प्रति हमारा आकर्षण बचपन से ही पैदा हो जाता है।

इसलिए यदि हमारे पास भारत के अलावा किसी अन्य देश की मुद्रा कभी आती है तो हम उसे संग्रहित करना शुरू कर देते हैं। वयस्क होने पर मुद्राओं के प्रति यही आकर्षण हमें फॉरेक्स ट्रेडिंग के बारे में और जानने को उत्सुक करता है। लोगों की इसी उत्सुकता को ध्यान में रखते हुए आज हम फॉरेन करेंसी एक्सचेंज ट्रेडिंग के बारे में जानने का प्रयत्न कर रहे हैं।

फॉरेक्स ट्रेडिंग की जानकारी

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है (What is Forex Trading in Hindi):

फॉरेक्स ट्रेडिंग में पहला शब्द फ़ॉरेक्स का अर्थ फॉरेन एक्सचेंज होता है। साधारण शब्दों में फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग का अर्थ एक दुसरे के बीच विभिन्न विदेशी मुद्राओं का व्यापार करना है अर्थात इस प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न देशों की मुद्राओं में उनके मूल्य के घटते बढ़ते रहने के कारण व्यापार होता है। कोई भी व्यक्ति जो विदेशों से किसी भी प्रकार का कोई सौदा करना चाहता है उसे वह सौदा खरीदने के लिए उस देश की मुद्रा की आवश्यकता हो सकती है।

चाहे कोई छुट्टी पर भ्रमण करने के लिए गया हो, या फिर वह विदेश से कुछ खरीदना चाहता हो, या किसी सर्विस के लिए भुगतान कर रहा हो इत्यादि के लिए उसे उस देश की मुद्रा की आवश्यकता होती है। उदाहरणार्थ: अमेरिका में स्थित कॉलेज का शुल्क देने के लिए व्यक्ति को US Dollor की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि अमेरिका में स्थित कॉलेज भारतीय रूपये में फीस स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए डॉलर में भुगतान करने के लिए सर्वप्रथम व्यक्ति को US Dollor खरीदने होंगे।

इन्हें खरीदने के लिए व्यक्ति को उस समय निर्धारित डॉलर मूल्य के आधार पर भारतीय रुपयों में भुगतान करना होगा। बस फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? इन्हीं आवश्यकताओं के फलस्वरूप फॉरेक्स ट्रेडिंग की शुरुआत होती है जहाँ विदेशी मुद्रा की बिक्री एवं विनिमय किया जाता है। और जहाँ व्यक्ति ने भारतीय रूपये देकर US Dollor की प्राप्ति की उसे Exchange कहा जाता है। इस स्थिति में इस एक्सचेंज द्वारा US Dollor फॉरेन एक्सचेंज मार्किट से खरीदे जायेंगे। साधारण शब्दों में विदेशी मुद्रा की ट्रेडिंग ही फॉरेक्स ट्रेडिंग कहलाती है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे काम करती है ?

फॉरेक्स ट्रेडिंग भी इक्विटी ट्रेडिंग की तरह ही है बस फर्क सिर्फ इतना है की इक्विटी ट्रेडिंग में कमाई या नुकसान के लिए शेयर का मूल्य निर्णायक भूमिका में होता है। तो वहीँ फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में एक्सचेंज मूल्य निर्णायक भूमिका में होता है। फॉरेक्स ट्रेडिंग से कमाई करने के लिए व्यक्ति अपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? अपेक्षा एवं जानकारी के अनुसार कोई भी मुद्रा खरीद सकता है। और अच्छे ढंग से समझने के लिए आप नीचे दिए गए उदाहरणों को पढ़ सकते हैं।

उदाहरणार्थ:

माना की प्रमोद नामक व्यक्ति डॉलर की बढती हुई कीमतों का लाभ उठाना चाहता है चूँकि डॉलर आज 70 रूपये पर कारोबार कर रहा है। प्रमोद को अपनी जानकारी एवं अनुभव के आधार पर लगता है की यह तीन महीनों के अन्दर अन्दर 73 रूपये तक जा सकता है। तो इस स्थिति में व्यक्ति USD खरीद सकता है और जब तीन महीने बाद यह 73 रूपये पर पहुँच जाए तो इन्हें बेच सकता है। इस प्रकार व्यक्ति प्रत्येक 1000$ पर 3000 रूपये तक की कमाई कर पाने में सफल होगा।

भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे शुरू करें:

हालांकि भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग आम लोगों की पहुँच से दूर है इसके अनेकों कारण जैसे इस प्रक्रिया में अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक निवेश की फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? आवश्यकता होती है। और दूसरा लोग अक्सर इस बारे में भी भ्रमित रहते हैं की भारत में इस तरह का काम करना कानूनी तौर पर सही है या फिर यह अवैध होता है। इसलिए यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग को लेकर काफी नियम शर्तें निर्धारित की गई हैं।

इसलिए फॉरेक्स ट्रेडिंग नामक इस प्रक्रिया को सिर्फ वही व्यक्ति कर सकता है जिसके पास किसी SEBI Registered Broker का अकाउंट हो। कहने का आशय यह है की ऐसा कोई भी व्यक्ति जो फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करना चाहता हो के पास किसी फ़ॉरेक्स ब्रोकर के साथ अकाउंट होना अति आवश्यक है।

वर्तमान में कानूनी रूप से फ़ॉरेक्स की अनुमति कुछ भारतीय एक्सचेंजों, बीएसई, एनएसई, एमसीएक्स-एसएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) इत्यादि को है। भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए व्यक्ति को किसी रजिस्टर्ड फ़ॉरेक्स ब्रोकर के साथ ही अकाउंट खोलने की आवश्यकता होती है। और इसी खाते के माध्यम से व्यक्ति फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकता है।

सफल फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए कुछ टिप्स :

यद्यपि जैसे की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की फॉरेक्स ट्रेडिंग भी इक्विटी ट्रेडिंग यानिकी शेयर मार्किट की तर्ज पर ही कार्य करती है। जहाँ शेयर मार्किट में शेयर का मूल्य नफा नुकसान तय करता है वही इसमें एक्सचेंज मूल्य। इसलिए यह जरुरी नहीं है की जो फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करेगा वह लाभ ही प्राप्त करेगा हो सकता है उसे नुकसान भी हो। इसलिए यहाँ नीचे हम कुछ ऐसी बातों का जिक्र कर रहे हैं जिनका अनुसरण करके सफल फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग की जा सकती है।

  • फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की आपको मार्किट की उचित जानकारी एवं पर्याप्त अनुभव प्राप्त है।
  • यद्यपि फ़ॉरेक्स मार्किट सप्ताह के पांच दिन चौबीस घंटे खुली रहती है लेकिन भारत का बाजार शाम 5 बजे बंद हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को इंट्राडे का चुनाव करना चाहिए।
  • स्कैम इत्यादि से सावधान रहने की आवश्यकता है किसी रजिस्टर्ड फ़ॉरेक्स ब्रोकर के माध्यम से ही इस तरह की ट्रेडिंग करें।
  • प्रत्येक ट्रेड के लिए स्टॉप लॉस सेट करें अन्यथा विफल हो सकते हैं।
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग करने से पहले ट्रेडिंग करने की योजना बना लें और हमेशा उसका अनुसरण करें।
  • ट्रेडिंग से हमेशा अपनी भावनाओं को अलग करके रखें क्योंकि भावनाओं में अक्सर मनुष्य अव्यवहारिक निर्णय ले लेता है।
  • ध्यान रहे अपने नुकसान की पूर्ति के लिए ट्रेड न करें बल्कि तभी ट्रेड करें जब आपको लगता है की यह आपके लिए एकदम सही है।

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इनका नाम महेंद्र रावत है। इनकी रूचि बिजनेस, फाइनेंस, करियर जैसे विषयों पर लेख लिखना रही है। इन विषयों पर अब तक ये विभिन्न वेबसाइटो एवं पत्रिकाओं के लिए, पिछले 7 वर्षों में 1000 से ज्यादा लेख लिख चुके हैं। इनके द्वारा लिखे हुए कंटेंट को सपोर्ट करने के लिए इनके सोशल मीडिया हैंडल से अवश्य जुड़ें।

फॉरेक्स ट्रेडिंग के विभिन्न प्रकारों को समझना

हिंदी

फॉरेक्स या फॉरेक्स एक्सचेंज वह बाजार है जहां करेंसी का एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान किया जा सकता है। फॉरेक्स ट्रेडिंग प्रमुख रूप से करेंसी को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया है और यह उन बाजारों में से एक है जहां सबसे भारी ट्रेड होता है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग में करेंसी जोड़े फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? में ट्रेडिंग शामिल है।करेंसी के जोड़े तीन प्रकार के होते हैं माइनर, मेजर और एक्जियाटिक जोड़े। मेजर करेंसी जोड़े सबसे अधिक बार ट्रेड की जाने वाली करेंसी हैं, जबकि माइनर जोड़ों में अमेरिकी डॉलर शामिल नहीं होता है। एक्जियाटिक जोड़े वे हैं जिनमें एक करेंसी मेजर है और दूसरी किसी विकासशील अर्थव्यवस्था की करेंसी है।

ट्रेडिंग प्रकार के आधार पर फॉरेक्स ट्रेडिंग और ट्रेडर्स कई प्रकार के हैं। यहाँ गर फॉरेक्स ट्रेडिंग के कुछ प्रकार दिए गए हैं:

फॉरेक्स ट्रेडिंग के ये प्रकार लंबी-अवधि के होते हैं और महीनों के लिए स्थितियों को ले और होल्ड कर सकते हैं। पोजीशन ट्रेडिंग ट्रेड के मौलिक विश्लेषण पर निर्भर करती है। पोजीशन ट्रेडर अपने निर्णय का आधार फॉरेक्स चार्ट विश्लेषण और फॉरेक्स बाजार विश्लेषण को रखते हैं। वे मौलिक और तकनीकी विश्लेषण के संयोजन का उपयोग करते हैं।

पोजीशन ट्रेडिंग में समर्थन और प्रतिरोध ट्रेडिंग और प्रवृत्ति फॉरेक्स ट्रेडिंग जैसी रणनीतियों का उपयोग शामिल है। बाद वाले के लिए, गतिमान औसत जैसे तकनीकी उपकरण का उपयोग किया जाता है। समर्थन और प्रतिरोध फॉरेक्स ट्रेडिंग में फॉरेक्स विश्लेषण चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध क्षेत्र पहचानना शामिल है। ये वे क्षेत्र हैं जहां मूल्य प्रवृत्ति के उल्टा होने या रुकने की संभावना है।

ब्रेकआउट ट्रेडिंग रणनीति भी पोजीशन ट्रेडिंग का एक हिस्सा है, और यह पोजीशन फॉरेक्स ट्रेडर्स को यह समझने के लिए मदद कर सकते हैं कि क्या वहां पर कोई नया प्रवृत्ति संकेत हैं। ब्रेकआउट तब होते हैं जब मूल्य समर्थन/प्रतिरोध के स्तर से से परे या बाहर स्थानांतरित होती है।

पोजीशन ट्रेडिंग का एक अन्य पहलू पुलबैक ट्रेडिंग है जो मौजूदा प्रवृत्ति में एक छोटा सा उलटाव या गिरावट है। इसलिए पुलबैक फॉरेक्स ट्रेडर वर्तमान प्रवृत्ति में ठहराव या गिरावट का लाभ उठाएगा।

स्विंग ट्रेडिंग

जबकि पोजीशन ट्रेडिंग एक लंबी अवधि की शैली है, स्विंग ट्रेडिंग एक मध्यम अवधि फॉरेक्स ट्रेडर्स द्वारा प्रयोग की जाने वाली मध्यम-अवधि शैली है। इस शैली में मूल्य स्विंग और एक बार में कई हफ्तों तक अपनी ट्रेडिंग को होल्ड करना शामिल है। फिर, इस तरह के ट्रेडर एक प्रवृत्ति की पहचान करते हैं जिसमें ट्रेड को गठन और होल्ड रखने की संभावना होती है। यदि आपके पास दिन भर में फॉरेक्स चार्ट विश्लेषण लेने का समय नहीं है तो यह एक आदर्श शैली है, लेकिन इसके बावजूद इस पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए आपके पास अभी भी हर दिन कुछ घंटों का समय है।

जब स्विंग ट्रेडिंग की बात आती है, तो इसमें रिवर्सल, रिट्रेसमेंट, ब्रेकआउट और ब्रेकआउट ट्रेडिंग सहित कुछ व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली रणनीतियां होती हैं।

रिवर्सल ट्रेडिंग मूल्य गति परिवर्तन पर आधारित है। रिट्रेसमेंट ट्रेडिंग पूरी तरह से मूल्य में एक अस्थायी रिवर्स का पता लगाने के बारे में है, जो बड़े ट्रेड के से संबंधित होती है।

ब्रेकआउट ट्रेडिंग में अपट्रेंड(uptrend) की शुरुआत में एक स्थिति लेना और फिर ब्रेकआउट करने के लिए कीमत के लिए इंतजार करना शामिल है।जब कीमत एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर पर टूट गई हो, तो आप एक स्थिति में अपनी प्रविष्टि बनाते हैं।

ब्रेकडाउन ट्रेडिंग विपरीत है; स्थिति एक अपट्रेंड(uptrend)शुरुआत में ली जाती है और आप, एक फॉरेक्स ट्रेडर के रूप में, कीमत के ब्रेकडाउन का इंतजार कर रहे हैं,और कीमत के समर्थन स्तर पर ब्रेकडाउन होने के बाद स्थिति में प्रवेश करते हैं।

एक फॉरेक्स डे ट्रेडर दिन के दौरान ट्रेडिंग खोलता है और बंद कर देता है। यह फॉरेक्स ट्रेडिंग शैली मूल्य संचलनों पर टैप करती है जो एक ही दिन या एक ट्रेडिंग सत्र के भीतर होती है।इस प्रकार की ट्रेडिंग उस समय आदर्श है यदि आपके पास दिन के डेट्रेडिंग की ओपनिंग के समय फॉरेक्स बाजार विश्लेषण करने के लिए और फिर पूरे दिन निगरानी करने का पर्याप्त समय है।

फॉरेक्स डेट्रेडिंग में पूरे दिन के दौरान प्रवृत्ति-ट्रेडिंग और काउंटर-ट्रेंड ट्रेडिंग शामिल है। प्रवृत्ति ट्रेडिंग के साथ, आप एक ऐसे चार्ट से शुरू करते हैं जो लंबे समय को कवर करता है और एक प्रवृत्ति की पहचान करता है। उसके बाद, आप एक छोटी समय-सीमा को कवर करने वाले चार्ट में ले जाएँ। आप इस प्रवृत्ति की दिशा में ट्रेडिंग करने के लिए देखते हैं क्योंकि यह आपकी प्रविष्टि समय में मदद करता है।

काउंटर-ट्रेंड डेट्रेडिंग में एक बड़ी प्रवृत्ति की तलाश,जो लंबे समय तक समय सीमा को कवर करती है और फिर ट्रेड के लिए विपरीत देखना शामिल है। यहां,इसमें एक प्रवृत्ति के अंत को और इसका उल्टा होने को पहचानना शामिल है।

स्कैल्पिंग या स्कैल्प ट्रेडिंग भी फॉरेक्स ट्रेडिंग का एक लोकप्रिय प्रकार है जहाँ आप केवल कुछ ही मिनटों के लिए ट्रेडों पर स्कैल्प या पकड़ रखते हैं। यह दिन के दौरान कई बार हो सकता है, लेकिन आप हर बार छोटे ट्रेड कर सकते हैं। एक स्केलपर के रूप में, आप एक दिन में दर्जनों ट्रेड कर सकते हैं। इस प्रकार की ट्रेडिंग तेजी और कार्रवाई से भरा है। कारोबारी दिन के समाप्त होने के साथ सभी स्थितियां बंद हो जाती हैं। स्कैल्पिंग फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? उन लोगों के लिए आदर्श है जो अपने ट्रेडिंग पर बहुत समय खर्च कर सकते हैं क्योंकि इसमें आपको फॉरेक्स चार्ट विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता होती है। इसमें आपको अपने दिमाग से सोचने की जरूरत होती है।

आप किस तरह के फॉरेक्स ट्रेडर हैं?

फॉरेक्स ट्रेडिंग का प्रत्येक प्रकार एक व्यक्तित्व प्रकार को सूट करता है और यह समझने में मदद करता है कि क्या आप ट्रेडिंग के उस प्रकार के लिए सही फिट हैं। आप एक स्कैल्पर, एक डे-ट्रेडर, एक स्विंग ट्रेडर, या एक पोजीशन ट्रेडर बन सकता है। एक स्कैल्पर को सतर्क रहने और दिन में कई बार अंक (पिप्स) में प्रतिशत की छोटी मात्रा को पकड़ने की जरूरत होती है, जबकि एक डे-ट्रेडर दिन की शुरुआत में एक पक्ष चुन सकता है और या तो लाभ या हानि प्राप्त करने के साथ दिन समाप्त कर सकता है, और कोई भी ट्रेड रात भर के लिए होल्ड नहीं किया जाता है। स्विंग ट्रेडर्स अपने ट्रेडों को दिनों या सप्ताहों के लिए होल्ड कर सकते हैं। वे अपने ट्रेडिंग निर्णय लेने के लिए चार्ट पर ध्यान केंद्रित करते हैं या दिन में कुछ घंटों के लिए फॉरेक्स बाजार विश्लेषण करते हैं। पोजीशन ट्रेडर अपने निर्णय का आधार मौलिक और तकनीकी विश्लेषण की एक निश्चित मात्रा पर रखते हैं और अपने ट्रेड को महीनों या वर्षों के लिए होल्ड करते हैं।

फॉरेक्स ट्रेडिंग में आपको अनुशासित रहने और मौलिक विश्लेषण के अलावा फॉरेक्स विश्लेषण चार्ट और तकनीकी उपकरणों के तत्वों को जानने की जरूरत होती है। यह आपकी खुद की ट्रेडिंग प्लान को चार्ट करने और उस पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करता है। एक ट्रेडिंग और डीमैट खाते को ऑनलाइन शुरू करना और बाजार के बारे में वास्तविक समय डेटा तथा फॉरेक्स बाजारों की एक गहरी समझ हासिल करने में मदद के लिए व्यापक रिपोर्ट तक पहुँच प्राप्त करना आसान है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग से अमीर बनने का सपना देख रहे हैं तो रुकिए! कहीं हो न जाएं फ्रॉड के शिकार, जानें क्या कहता है RBI का नियम

Illegal Forex Trading: विदेश में रजिस्टर्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करने से आप दंड के भागी बन सकते हैं. इसके खिलाफ जागरूक करने के लिए समय-समय पर RBI निवेशकों को विज्ञापन देकर, मोबाइल पर मैसेज भेजकर आगाह करता रहता है.

Illegal Forex Trading: अगर आपको सोशल मीडिया पर फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाने वाले एडवर्टीज़मेंट्स दिखें तो सावधान हो जाइए. ऐसे विज्ञापनों पर भरोसा करके निवेश करना महंगा पड़ सकता है. ये फॉरेक्स ट्रेडिंग ऐप्स (forex trading Apps) निवेशकों को पहली बार ट्रेड के लिए फ़्री कैश या फ्री ट्रेडिंग कोर्स का लालच भी देते हैं. ये प्लेटफॉर्म्स अक्सर अपने ऐड्स में इसे लीगल बताकर या किसी विदेशी रेगुलेटर से नियमित बताकर या फर्जी ग्लोबल अवॉर्ड पाने वाला बताकर लोगों को गुमराह करते हैं.

OctaFx, OlympTrade, Alpari, Forex.com, Ava Trade, FBS, I-Forex, Binomo.com, IQ Option, TP Global Forex जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फॉरेक्स ट्रेडिंग रिजर्व बैंक नियमों के तहत कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है. ये प्लेटफॉर्म्स रिजर्व बैंक या सेबी (Securities and Exchange Board of India) में से किसी के पास भी रजिस्टर्ड नहीं हैं.

क्रिप्टो की तरह विदेश में फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? रजिस्टर्ड फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेड करना अवैध है. रिजर्व बैंक इसकी इजाजत नहीं देता है. इसके खिलाफ जागरूक करने के लिए समय-समय पर RBI निवेशकों को विज्ञापन देकर, मोबाइल फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? पर मैसेज भेजकर आगाह करता रहता है. विदेश में रजिस्टर्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करने से आप दंड के भागी बन सकते हैं.

भारत में फोरेक्स ट्रेडिंग का रेगुलेशन रिजर्व बैंक और सेबी संयुक्त रूप से करते हैं.

भारत में फोरेक्स ट्रेडिंग सिर्फ और सिर्फ उन्हीं ऑथराइज़्ड डीलर बैंक्स या कंपनियों के साथ कर सकते हैं जिनके पास विदेशी करेंसी में ट्रेड करने का लाइसेंस है. इतना ही नहीं आप अमेरिकी डॉलर-रुपए या यूरो-रुपये के वायदा बाजार में ट्रेड सिर्फ लोकल एक्सचेंज पर ही ट्रेड कर सकते हैं. RBI के तहत फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? RS यानी Liberalised Remittance Scheme के तहत भी इसकी इजाजत नहीं है.

विदेशी अनऑथराइज्ड प्लेटफॉर्म्स पर डॉलर, पाउंड, येन में ट्रेडिंग से अमीर बनने का सपना ठीक क्रिप्टो की तरह आपका फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? पैसा डूबा सकता है.

बता दें कि आरबीआई ने इस साल फरवरी में कुछ ऐसे ही प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लोगों को आगाह किया था. बैंक का कहना था कि फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (FEMA) के तहत जिन संस्थाओं को ट्रेडिंग सॉल्यूशन देने का लाइसेंस होगा, ट्रेडर्स को उनके साथ ही फॉरेक्स ट्रांजैक्शन करने की अनुमति होगी. वहीं, एक्ट के तहत जिन उद्देश्यों को मंजूरी दी गई है, उन्हीं के तहत ट्रांजैक्शन करना होगा.

क्या फॉरेक्स मार्केट का मतलब जानते हैं आप?

इंटरनेट के जरिये आप घर बैठे फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं. इसे एफएक्स (FX) मार्केट भी कहते हैं

क्या फॉरेक्स मार्केट का मतलब जानते हैं आप?

आप भी कर सकते हैं फॉरेक्स ट्रेडिंग
इंटरनेट के जरिये आप घर बैठे फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं. लेकिन सबसे पहले आपको किसी फॉरेक्स ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना होगा. फॉरेक्स मार्केट में एक करेंसी को दूसरी करेंसी से बदला (एक्सचेंज) जाता है. ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा जरूरी बात है एक्सचेंज रेट. इसका मतलब है कि एक मुद्रा को दूसरी मुद्रा से एक्सचेंज करने की दर क्या होगी.

आपने आमतौर पर देखा होगा कि रुपये की कीमत डॉलर की अपेक्षा इतनी है या डॉलर की कीमत यूरो की तुलनी में कितनी है. उदाहरण के तौर पर अगर एक डॉलर की कीमत 70 रुपये है तो एक डॉलर के लिए आपको 70 रुपये चुकाने होंगे.

मान लीजिये डॉलर के बदले आप 1,000 यूरो लेने का मन बनाते हैं. जिस वक्त आपने यूरो खरीता उस वक्त डॉलर/यूरो का एक्सचेंज रेट 1.5 था यानी आपको 1,000 यूरो खरीदने के लिए 1,500 डॉलर देने पड़े. कुछ समय बाद एक्सचेंज रेट में थोड़ा बदलाव हुआ और यह बढ़कर 1.55 हो गया. अब जब आप 1,000 यूरो बेचेंगे तो आपको 1,550 डॉलर मिलेंगे. इस तरह आपको कुल 50 डॉलर का फायदा हुआ.

इसी तरह अगर यूरो बेचने के वक्त एक्सचेंज रेट 1.35 रहा, तो आपको उन्हीं 1000 यूरो के बदले 1,350 डॉलर मिलेंगे यानी आपको 100 डॉलर का नुकसान हुआ. इसी तरह से दूसरी करेंसी की भी खरोद-फरोख्त कर सकते हैं.

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