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ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है

ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है

ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है

अपना Zerodha अकाउंट खोलने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म्स को प्रिंट और सिग्नेचर करके भेजने की जरुरत है ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है -

  1. ऍप्लिकेशन फ़ॉर्म : ट्रेडिंग अकाउंट & डीमैट अकाउंट - इक्विटी सेगमेंट (यदि इसे ऑनलाइन e-sign नहीं किया गया है )
  2. ऍप्लिकेशन फ़ॉर्म : कमॉडिटी सेगमेंट - यदि आप कमॉडिटी सेगमेंट में भी अकाउंट खोलना चाहते हैं (यदि इसे ऑनलाइन e-sign नहीं किया गया है )
  3. नॉमिनेशन फ़ॉर्म - ( यदि आपने ऑनलाइन अकाउंट खोला है और अपने ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट में नॉमिनी जोड़ना चाहते हैं )
  4. पावर ऑफ़ अटॉर्नी (POA) (PDF) .इसे यदि आप चाहें तो भेज सकते हैं, देखिये पावर ऑफ अटॉर्नी (POA) और डीमैट डेबिट और प्लेज इंस्ट्रक्शन (DDPI) क्या है?

नोट :

  1. आप सिर्फ कमॉडिटी अकाउंट नहीं खोल सकते हैं, आपको ट्रेडिंग और डीमैट ऍप्लिकेशन फॉर्म के साथ कमॉडिटी ऍप्लिकेशन भेजना होगा या आपके पास Zerodha में पहले से ही कमॉडिटी अकाउंट होना चाहिए। देखिये क्या हम इक्विटी अकाउंट खोले बिना सिर्फ़ कमोडिटी अकाउंट खोल सकतें हैं?

पहले हम आपसे POA डॉक्यूमेंट सिग्नेचर करके हमारे ऑफिस में भेजने को कहते थे। इसकी जरूरत आपके डीमैट अकाउंट से स्टॉक्स/म्यूच्यूअल फंड्स को बेचने के समय पड़ती थी। लेकिन अब इसे भेजना आप पर निर्भर करता है। क्योकि अब आप CDSL TPIN डालकर डिलीवरी सेल इंस्ट्रक्शंस डाल सकते हैं।

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ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या होती है? Offline vs Online Trading

😊✍आजकल भारत में लोगो की दिलचस्पी शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट में बढ़ने लगी है, यदि आप भी उनमे से ही है तो यह जानकारी आपके लिए भी बहुत फायदेमंद होने है.

शेयर बाजार में एक बहुत ही चर्चित शब्द है ऑनलाइन ट्रेडिंग जिसपे आज का यह पूरा लेख लिखा गया है. इस लेख में आपको जानने को मिलेगा की ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है? ऑनलाइन ट्रेडिंग सही है या ऑफलाइन ट्रेडिंग और अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात यह कैसे काम करती है?

Highlights of Post Content

ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है?

ऑनलाइन ट्रेडिंग का सीधा अर्थ है फिनांशल प्रोडक्ट की ऑनलाइन लेनदेन करना। अब के ब्रोकर अपने प्लात्फ्रोम के साथ ऑनलाइन हो गए है इनके ये प्लेटफार्म स्टॉक,कोडिएट बांड्स, ETFS और आदि बहुत से फीचर्स प्रदान करते है.

पहले के समय में जब कोई खरीदार शेयर को खरीदना चाहता था तब वह किसी ब्रोकर को कॉल करता था या मिलता था और उससे किसी कंपनी के शेयर की एक फिक्स अमाउंट को खरीदने के लिए कहता था.

इसके बाद ब्रोकर उस शेयर के बाजार मूल्य को आपसे बताएगा और उसको खरीद लेगा। आपके द्वारा ट्रेडिंग खाते की पुस्टि करने के बाद ब्रोकर की फ़ीस देनी पड़ती थी.

इससे आप समझ सकते है की यह स्टेप्स कितना लम्बा है इसी कारण आस्चर्य नहीं होता है ऑनलाइन ट्रेडिंग ने अपने फायदों कारण पुरे ट्रेडिंग बाजार को अपने कब्जे में कर लिया है:

  • आप लेनदेन बहुत ही आसानी से कर सकते है.
  • यूजर अपने घर बैठे-बैठे अपने खाते पर नजर रख, सकते है ,रखरखाव और खोल और बंद कर सकते है.
  • जब हमें एक से ज्यादा फिनांशल प्रोडक्ट की खरीदारी करनी होती थी तब हमारे बिच में कोई होता था जो खरीदारी करता था , लेकिन ऑनलाइन में आप आसानी से खरीद सकते और बेच सकते है.
  • ऑनलइन होने के कारण आपको प्रोडक्ट्स और उपलब्ध स्टॉक्स के बारे में अच्छे से जानकारी मिलती है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे काम करती है?

जब भी कोई यूजर स्टॉक को खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म पर रिक्वेस्ट या आर्डर देता है, इसका आर्डर ट्रेंडिंग मेमबर प्लेटफार्म और एक्सचेंज प्लेटफार्म के डेटाबेस में स्टोर हो जात्ता है.

इस डेटाबेस का उपयोग उन सभी प्लेटफार्म को देखने के लिए किया जाता है तो स्टॉक खरीदने या बेचने का काम करती है, विश्लेषण करे के बाद आपको सबसे अच्छे पैसे वाला स्टॉक दिखाया जाता है.

यह जो आपको स्टॉक का पैसा दिखाया जाता है यह यूजर के द्वारा दिए गए आर्डर से मिलता हैं. इतना सभ कुछ होने के बाद ब्रोकर के पास तीन दिन होते है की वह आपके पैसे का सेटलमेंट कर सकते है और इसके बाद आपके खाते में स्थानांतरण कर दिए जाते है.

बहुत से ऐसे प्लेटफार्म है जो आपको स्टॉक मार्केट में स्थिति स्टेटस का पता लगाने में मदत करते है. इससे एक यूजर को पता लगाने में आसानी होती है की कौन सी स्टॉक ऊपर जा रहा है और कौन सा निचे।

ऑनलाइन प्लेटफार्म की सबसे अच्छी बात यह की इन्हे उपयोग करना आसान है और यह यह कमिसन शुल्क भी कम लेती है.

Offline vs Online Trading

जैसे-जैसे ऑनलाइन ट्रेडिंग की मांग बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे ही ऑफलाइन ट्रेडिंग कही पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है.

हर किसी व्यक्ति को यही चाहिए की चीज़े उसे आसानी से मिल जाये उसे उन चीज़ो को पाने के लिए ज्यादा मेहनत न करना पड़े, यह नियम ऑनलाइन ट्रेडिंग को ऑफलाइन ट्रेडिंग की तुलना में और लोकप्रिय कर रहा है.

क्यूंकि लोग घर बैठे-बैठे ही स्टॉक या शेयर मार्केट में पैसे निवेस्ट कर पा रहे है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के लोकप्रिय होने का दूसरा कारण यह है की यह कम कमिशन लेता है और ये तो जानते ही हैं भारत में जहा कम में मिलेंगे लोग वही जाते है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग में ज्यादा झंझट मारी भी नहीं होती है ऑफलाइन ट्रेडिंग की तुलना में. सब कुछ मिलाकर यही है की ऑनलाइन ट्रेडिंग का आनेवाला कल बहुत ही सुनहरा है.

निष्कर्ष

ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या हैं? उम्मीद है की इस आर्टिकल में आपको आपके सरे सवालों के जवाब मिल गए होंगे। आज के लिए इतना ही धन्यवाद।😊✍🙏🙏

Trading Kya Hai (ट्रेडिंग क्या है) What is trading

Trading Kya Hai शेयर मार्केट में पैसे कमाने का एक सबसे सरल और आसान तरीका ट्रेडिंग है लेकिन जितना आसानी है लगता है उतना ही जोखिम भरा भी है यहां पर यदि कोई व्यक्ति बिना कुछ सीखें ही एंट्री ले लेता है तो उसे काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है शेयर बाजार में ट्रेडिंग के माध्यम से आप रोज पैसा कमा सकते हैं लेकिन इससे पहले आपको बहुत कुछ ट्रेडिंग से संबंधित लर्निंग सीखना आवश्यक है तभी आप यहां से पैसा कमा सकते हैं तो चलिए विस्तार से जानते हैं की ट्रेडिंग क्या है ट्रेडिंग कैसे करते हैं और ट्रेडिंग करते समय किन-किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए

Trading Kya Hai? (what is trading)

Trading शेयर बाजार से पैसा कमाने का एक ऐसा तरीका है यहां पर आप रोज 9:15 से 3:30 तक कुछ ऐसे शेयर को चुनना होता है जिनको आप कम में खरीद के ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है ज्यादा में बेच दे और इस प्रोसेस के बीच का जो प्रॉफिट होता है,

वह आप निकाल लेते हैं ट्रेडिंग का हिंदी में मतलब व्यापार होता है भारत में ज्यादातर ट्रेडर्स इक्विटी में ट्रेड करते हैं लेकिन कई लोग फ्यूचर और ऑप्शन में भी ट्रेडिंग करते हैं ट्रेडिंग को शेयर मार्केट का सबसे रिस्की फील्ड माना जाता है

ट्रेडिंग कैसे करेंhow to trade

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इस डिमैट अकाउंट के माध्यम ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है से ही आप मार्केट के अंदर ट्रेड कर सकते हैं इसके बाद आप ट्रेडिंग से संबंधित पूरी शिक्षा प्राप्त कर लेवे उसके बाद आप शेयर मार्केट के अंदर ट्रेडिंग करना शुरू कर सकते हैं,

ट्रेडिंग की शुरुआत करते समय आप हमेशा थोड़े कम पैसों के साथ में ट्रेडिंग करें और जब आपको अच्छा ट्रेडिंग से संबंधित एक्सपीरियंस हो जाए तो आप ज्यादा पैसे से शुरू कर सकते हैं।

ट्रेडिंग कैसे सीखेhow to learn trading

आपके लिए ट्रेडिंग सीखने का सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म यूट्यूब है यहां पर आप ट्रेडिंग से संबंधित काफी कुछ सीख सकते हैं उसके बाद आप एक अच्छे गुरु की सहायता से ट्रेडिंग को और ज्यादा अच्छे से सीख सकते हैं

आपको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मैं कई सारे लोग कोर्स भी भेजते हैं लेकिन आपको इनसे बचना है इनके अलावा आपको एक ऐसे गुरु की तलाश करनी है जो आपको अच्छे से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रेडिंग के बारे में बहुत कुछ सिखा सके लेकिन आप बेसिक लर्निंग यूट्यूब से भी सीख सकते हैं

ट्रेडिंग अकाउंट क्या हैwhat is trading account

जिस तरह से बैंक में अपने बचत खाते को चालू रखने के लिए उसमें थोड़ा बहुत पैसा रखना अनिवार्य होता है वैसे ही आपको एक ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के लिए उसमें ट्रेड करना जरूरी होता है ट्रेडिंग अकाउंट आपका डिमैट अकाउंट के साथ में ही खुलता है जहां पर आप ट्रेड करते है जब आप डीमैट खाते के साथ ट्रेडिंग अकाउंट पर खोलते है

तो आपका ब्रोकर आपको मार्जिन की सुविधा देता है जिसका इस्तेमाल करके आप कम पैसों में भी ज्यादा पैसों की ट्रेडिंग कर सकते हो और इसमें जो फायदा होता है उसका कुछ हिस्सा फिर आपका ब्रोकर भी लेता है

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती हैWhat are the types of trading

ट्रेडिंग को आप मुख्यतः तीन भागों में कर सकते हैं इस तरह से ट्रेडिंग की तीन श्रेणियां है

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान, जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी

Online Trading करते वक्त कुछ बातें ध्यान में रखने से आपको सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने में और खुद को तैयार करने में मदद मिलेगी.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - July 7, 2021 / 01:02 PM IST

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान, जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी

आईपीओ से जुटाई राशि और फीस का अनुपात देखें तो सबसे ज्यादा अनुपात अमी ऑर्गेनिक्स का है. लीड मैनेजर्स ने अमी ऑर्गेनिक्स के मामले में जुटाई गई राशि की 7.3% फीस वसूल की

कैपिटल मार्केट में ट्रेडिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) आसान तरीका है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के बहुत फायदे है, लेकिन इसमें आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है, क्योंकि छोटी सी गलती या लापरवाही आपको काफी नुकसान पहुंचा सकती है. चूंकि ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) एक क्लिक पर संभव है, इसलिए निवेश करना इतना आसान होता है कि लोग अक्सर निवेश के पहलू और इसमें शामिल जोखिमों को भूल जाते हैं. ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) करते वक्त कुछ बातें ध्यान में रखने से आपको सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने में और सभी संभावित जोखिमों के खिलाफ खुद को तैयार और शिक्षित करने में मदद मिलेगी. ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) का आनंद लें, लेकिन सुरक्षित और निर्बाध ट्रेडिंग के लिए क्या करें और क्या न करें, इस पर भी नज़र रखें. यहां हम ऐसी कुछ बातें समजने का प्रयास करेंगे जो ओनलाइन ट्रेडिंग में आपके काम आ सकती है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त क्या ध्यान रखना चाहिए

– यदि आप ट्रेडिंग की दुनिया में नए है तो पहला कदम खुद को शिक्षित करने का होना चाहिए. ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए निवेश शुरू करने का निर्णय लेने से पहले यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है. इसके साथ जुडे लोगों से बात करें और प्लस एवं माइनस पॉइन्ट्स को समजने की कोशिश करे.
– अपने ट्रेडिंग अकाउंट को हैकिंग के खतरे से बचाने के लिए नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहे औऱ आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए दोहरे प्रमाणीकरण पर जोर देना चाहिए.
– सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता, ट्रेडिंग खाता और डीमैट खाता एक निर्बाध श्रृंखला में जुड़ा हुआ है. ऐसा करने से बैंक खाते और डीमैट खाते में डेबिट और क्रेडिट सहजता से होता रहेगा.
– अपने डीमैट खाते से ओटोमेटिक डेबिट के लिए पावर ऑफ एटर्नी करवा ले. इस तरह, आपको हर बार अपने डीमैट खाते से शेयर बेचने पर डेबिट निर्देश पर्ची (DIS) जमा करने से छूटकारा मिलेगा.
– जब आपकी ट्रेड बुक अपडेट हो जाती है, तो इसे अपने इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट नोट से दैनिक आधार पर क्रॉस चेक जरूर करें.
– अपने प्रोफिट स्टेटमेंट को अपने खाता बही से भी जांचें औऱ सुनिश्चित करे कि आपके खाते ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है से जितने भी शुल्क डेबिट किए गए हैं वो किस तरह के चार्जिस के तहत आते है.

ये काम करने से दूर रहे

– केवल आपको ही अपना ट्रेडिंग खाता ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है संचालित करना चाहिए. अपना पासवर्ड या सुरक्षा कोड किसी और के साथ साझा न करें. अपने परिवार के सदस्यों को भी अपने ट्रेडिंग खाते तक पहुंचने और अपनी ओर से ट्रेडों को निष्पादित करने देने से बचें.
– पासवर्ड ऐसा ना हो जो किसी को भी आसानी से पता चल सके. जैसे आपका नाम, जन्मतिथि और शादी की सालगिरह का पासवर्ड में यूज ना करे. सुरक्षा के स्तर को जोड़ने के लिए अपरकेस, लोअरकेस, अक्षर, संख्या और विशेष वर्णों को शामिल करके अपने पासवर्ड को जटिल बनाने का प्रयास करें.
– इंटरनेट ट्रेडिंग हो या ऐप-आधारित ट्रेडिंग, कभी भी अपने ट्रेडिंग खाते को सार्वजनिक स्थान से एक्सेस न करें. साइबर कैफे या असुरक्षित सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करना खतरे से खाली नहीं होगा. इन स्पॉट्स को आसानी से हैक किया जा सकता है.
– कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, लेजर, प्रॉफिट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट जैसे प्रमुख दस्तावेजों का ऑफलाइन रिकॉर्ड रखना न भूलें. ये किसी भी विवाद या कानूनी प्रश्नों के मामले में उपयोगी हो सकते है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त इन बातों ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है का जरूर रखें ध्‍यान, जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी

Online Trading करते वक्त कुछ बातें ध्यान में रखने से आपको सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने में और खुद को तैयार करने में मदद मिलेगी.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - July 7, 2021 / 01:02 PM IST

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान, जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी

आईपीओ से जुटाई राशि और फीस का अनुपात देखें तो सबसे ज्यादा अनुपात अमी ऑर्गेनिक्स का है. लीड मैनेजर्स ने अमी ऑर्गेनिक्स के मामले में जुटाई गई राशि की 7.3% फीस वसूल की

कैपिटल मार्केट में ट्रेडिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) आसान तरीका है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के बहुत फायदे है, लेकिन इसमें आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है, क्योंकि छोटी सी गलती या ऑफलाइन ट्रेडिंग क्या है और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है लापरवाही आपको काफी नुकसान पहुंचा सकती है. चूंकि ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) एक क्लिक पर संभव है, इसलिए निवेश करना इतना आसान होता है कि लोग अक्सर निवेश के पहलू और इसमें शामिल जोखिमों को भूल जाते हैं. ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) करते वक्त कुछ बातें ध्यान में रखने से आपको सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने में और सभी संभावित जोखिमों के खिलाफ खुद को तैयार और शिक्षित करने में मदद मिलेगी. ऑनलाइन ट्रेडिंग (O nline Trading ) का आनंद लें, लेकिन सुरक्षित और निर्बाध ट्रेडिंग के लिए क्या करें और क्या न करें, इस पर भी नज़र रखें. यहां हम ऐसी कुछ बातें समजने का प्रयास करेंगे जो ओनलाइन ट्रेडिंग में आपके काम आ सकती है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त क्या ध्यान रखना चाहिए

– यदि आप ट्रेडिंग की दुनिया में नए है तो पहला कदम खुद को शिक्षित करने का होना चाहिए. ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए निवेश शुरू करने का निर्णय लेने से पहले यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है. इसके साथ जुडे लोगों से बात करें और प्लस एवं माइनस पॉइन्ट्स को समजने की कोशिश करे.
– अपने ट्रेडिंग अकाउंट को हैकिंग के खतरे से बचाने के लिए नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहे औऱ आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए दोहरे प्रमाणीकरण पर जोर देना चाहिए.
– सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता, ट्रेडिंग खाता और डीमैट खाता एक निर्बाध श्रृंखला में जुड़ा हुआ है. ऐसा करने से बैंक खाते और डीमैट खाते में डेबिट और क्रेडिट सहजता से होता रहेगा.
– अपने डीमैट खाते से ओटोमेटिक डेबिट के लिए पावर ऑफ एटर्नी करवा ले. इस तरह, आपको हर बार अपने डीमैट खाते से शेयर बेचने पर डेबिट निर्देश पर्ची (DIS) जमा करने से छूटकारा मिलेगा.
– जब आपकी ट्रेड बुक अपडेट हो जाती है, तो इसे अपने इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट नोट से दैनिक आधार पर क्रॉस चेक जरूर करें.
– अपने प्रोफिट स्टेटमेंट को अपने खाता बही से भी जांचें औऱ सुनिश्चित करे कि आपके खाते से जितने भी शुल्क डेबिट किए गए हैं वो किस तरह के चार्जिस के तहत आते है.

ये काम करने से दूर रहे

– केवल आपको ही अपना ट्रेडिंग खाता संचालित करना चाहिए. अपना पासवर्ड या सुरक्षा कोड किसी और के साथ साझा न करें. अपने परिवार के सदस्यों को भी अपने ट्रेडिंग खाते तक पहुंचने और अपनी ओर से ट्रेडों को निष्पादित करने देने से बचें.
– पासवर्ड ऐसा ना हो जो किसी को भी आसानी से पता चल सके. जैसे आपका नाम, जन्मतिथि और शादी की सालगिरह का पासवर्ड में यूज ना करे. सुरक्षा के स्तर को जोड़ने के लिए अपरकेस, लोअरकेस, अक्षर, संख्या और विशेष वर्णों को शामिल करके अपने पासवर्ड को जटिल बनाने का प्रयास करें.
– इंटरनेट ट्रेडिंग हो या ऐप-आधारित ट्रेडिंग, कभी भी अपने ट्रेडिंग खाते को सार्वजनिक स्थान से एक्सेस न करें. साइबर कैफे या असुरक्षित सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करना खतरे से खाली नहीं होगा. इन स्पॉट्स को आसानी से हैक किया जा सकता है.
– कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, लेजर, प्रॉफिट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट जैसे प्रमुख दस्तावेजों का ऑफलाइन रिकॉर्ड रखना न भूलें. ये किसी भी विवाद या कानूनी प्रश्नों के मामले में उपयोगी हो सकते है.

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